Friday, October 12, 2007

इल्तजा..



अब तो गम-ए- हिज्र का इलाज़ होना चाहिऐ,
आज उस सितमगर का दीदार होना चाहिऐ..
(गम -ऐ -हिज्र - night of loneliness)

यू बहुत काट ली तनहा ज़िंदगी हमने
अब तो कोई हमसफ़र होना चाहिए
(तनहा - Alone)

होंगे मशहूर चर्चे तेरे परदानशी हुस्न के ,
पर आज वो ज़लवा तेरा एया होना चाहिए .
(परदा-नाशी हुस्न - beauty in veil, एया - disclose)

छाने लगा क्यो नशा उनकी सूरत देखकर,
या खुदा और कुछ और ताकत-ऐ-दीरार देना चाहिए|
(ताकत-ऐ-दीरार - power to keep watching)

आने लगा है नाम हमारा लब पे उनके ,
अब इस नाचीज़ को मशहूर होना चाहिए!.
(लब - lips , नाचीज़ - insignificant)

शायद कही कमी थी मेरे इबादत मैं ,
वरना बुत को भी खुदा होना चाहिए|
(इबादत - worship)

आसान नही यू ग़ज़ल कहना 'आलम'
हाल-ऐ-दिल बयां करने का हुनर आना चाहिए|
(हाल-ऐ- दिल बयां- describe one's thoughts/state of heart, हुनर- art)

~~ आलम सीतापुरी~~ Myself:)

1 comment:

Abu said...

great..
bahut badhiya gazal hai khas kar upper ke do mishre bahut achche lage..keep it up god bless u..

Abu